पूछताछ
प्रमुख दस्तावेज़

लाभ:

  • 01

    विभागों द्वारा प्राप्त मानव संसाधन की मांग के अनुसार निगम द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से संबंधित विभागों को आवश्यक ऑउटसोर्स कार्मिकों को उपलब्ध कराना।

  • 02

    समय पर वेतन भुगतान- आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मियों को प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच पारिश्रमिक का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराना।

  • 03

    EPF एवं ESIC का लाभ- कर्मियों के ईपीएफ (EPF) एवं ईएसआईसी (ESIC) खाते खुलवाकर निर्धारित अंशदान की धनराशि उनके खातों में जमा कराना सुनिश्चित करना।

  • 04

    पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया- GeM के माध्यम से अधिकृत एजेंसियों का चयन, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

  • 05

    आरक्षण का लाभ- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन, महिलाओं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों तथा भूतपूर्व सैनिकों आदि के लिए नियमानुसार आरक्षण व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित कराना।

  • 06

    शिकायत निवारण प्रणाली- वेतन, EPF, ESI एवं अन्य समस्याओं के ऑनलाइन समाधान की सुविधा।

  • 07

    डिजिटल सेवा रिकॉर्ड- कर्मचारी प्रोफ़ाइल, नियुक्ति, भुगतान एवं सेवा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध।

  • 08

    पारदर्शी एवं सुरक्षित रोजगार- आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा एवं एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित

कार्य:

  1. पारदर्शी नियुक्ति:
    यह सुनिश्चित करता है कि सभी कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों की नियुक्ति सरकारी विभागों में शोषणकारी निजी अनुबंधों के बजाय एक पारदर्शी और उच्च विनियमित प्रक्रिया के माध्यम से की जाए।
  2. अनिवार्य आरक्षण निति:
    अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने हेतु सभी आउटसोर्स नियुक्तियों में राज्य आरक्षण नीतियों को लागू करता है।
  3. वेंडर इम्पैनलमेंट एवं प्रबंधन:
    सेवा प्रदाताओं (Vendors) का ऑनलाइन पंजीकरण एवं इम्पैनलमेंट। पात्रता, दस्तावेज़ एवं प्रदर्शन का सत्यापन।
  4. आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया:
    स्वीकृत वेंडरों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया का संचालन, आरक्षण एवं शासनादेशों के अनुरूप चयन प्रक्रिया, पारदर्शी एवं मानकीकृत भर्ती व्यवस्था।
  5. समय पर और सीधा भुगतान:
    श्रमिकों के वेतन का भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सीधे उनके बैंक खातों और ईपीएफ, ईएसआईसी अंशदान का समय से भुगतान सुनिश्चित करता है।
  6. एजेंसी नियत्रण:
    संबंधित सरकारी विभाग, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम और आउटसोर्सिंग एजेंसी के बीच एक सामंजस्य लागू कराना और श्रम अधिकारों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक/कानूनी कार्रवाई करना है।
  7. रोजगार की निरंतरता:
    उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यह सुनिश्चित करता है कि वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का रोजगार नए सेवा एजेंसियों के शामिल होने पर भी निर्बाध बना रहे।
  8. अनुबंध एवं दस्तावेज़ प्रबंधन:
    अनुबंध, नियुक्ति पत्र एवं अन्य दस्तावेज़ों का डिजिटल रिकॉर्ड। सुरक्षित दस्तावेज़ भंडारण एवं त्वरित उपलब्धता।
  9. शिकायत निवारण:
    कार्मिकों एवं वेंडरों की ऑनलाइन शिकायत सुविधा, शिकायतों की ट्रैकिंग एवं समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शी शिकायत प्रबंधन प्रणाली।
  10. सूचना एवं संचार:
    SMS, ई-मेल एवं पोर्टल नोटिफिकेशन, महत्वपूर्ण आदेश, निर्देश एवं सूचनाओं का प्रसारण।
  11. डेटा एनालिटिक्स एवं नीति समर्थन:
    आउटसोर्स कार्मिकों का विश्लेषण, विभागवार, जनपदवार एवं श्रेणीवार आँकड़े, शासन को नीति निर्माण हेतु विश्लेषणात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराना।