उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉर्पोरेशन (यूपीसीओएस) कंपनी अधिनियम के अंतर्गत धारा 8 (गैर-लाभकारी) कंपनी
के रूप में स्थापित है। इसकी संगठनात्मक संरचना राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय पर्यवेक्षण प्रदान करने के
साथ-साथ मंडल और जिला स्तर पर परिचालन निगरानी बनाए रखने के लिए बनाई गई है।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम संगठनात्मक
संरचना
D-1
शासन/निदेशालय/नगर निगम/ स्थानीय निकाय एवं अन्य संस्थाओं की समिति
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
| पद |
विवरण |
| अध्यक्ष |
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन |
| सचिव |
महानिदेशक, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम |
| निदेशक |
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग |
| निदेशक |
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, वित्त विभाग
|
| निदेशक |
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, कार्मिक विभाग |
| निदेशक |
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, न्याय विभाग
|
| निदेशक |
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, श्रम विभाग
|
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BOD) – कार्य, अधिकार एवं प्रमुख जिम्मेदारियाँ
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निगम की समग्र रणनीतिक दिशा (Strategic Direction) एवं नीतियों (Policies) का
निर्धारण करेगा तथा निगम के उद्देश्यों के अनुरूप UPCOS को नीतिगत मार्गदर्शन (Policy Guidance)
प्रदान करेगा।
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निगम के प्रबंधन एवं संचालन की निगरानी करेगा तथा सभी लागू कानूनों, नियमों
एवं विनियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा।
- निगम मुख्यालय में आवश्यकतानुसार पदों का सृजन तथा उनके वेतनमान का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया
जाएगा।
- बोर्ड वार्षिक बजट हेतु सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान करेगा, जबकि वित्तीय स्वीकृति निगम कार्यालय
द्वारा प्रदान की जाएगी।
- निगम कार्यालय द्वारा वेतन, ईएसआई (ESI), ईपीएफ (EPF), बीमा एवं अन्य वैधानिक मदों के अंतर्गत
आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा किए गए भुगतानों का विस्तृत विवरण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया
जाएगा।
- निगम कार्यालय बोर्ड के समक्ष समय-समय पर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों
द्वारा आरक्षण संबंधी नियमों एवं प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन किया जा रहा है।
- निगम के उद्देश्यों, विज़न एवं नीतिगत लक्ष्यों के अनुरूप सुशासन, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा
प्रभावी प्रशासनिक एवं वित्तीय नियंत्रण सुनिश्चित करना।
(1) शासन/निदेशालय/नगर निगम/स्थानीय निकाय/प्राधिकरण एवं अन्य संस्थाओं
की समिति संरचना
आउटसोर्सिंग मैनपावर की सेवाओं की प्राप्ति हेतु अभ्यर्थियों की योग्यता एवं
अहर्ता के सत्यापन तथा मॉनिटरिंग के लिए निम्नानुसार समिति का गठन किया जाएगाक्रम
| क्रम सं. |
पद |
विवरण |
| 1 |
अध्यक्ष |
1. संबंधित अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव / सचिव (उत्तर प्रदेश शासन हेतु)
2. कुलपति / प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी / विभागाध्यक्ष (HOD) / संस्था के
अध्यक्ष / सी.ई.ओ. (संबंधित विभाग / संस्था हेतु)
|
| 2 |
सदस्य / कन्वीनर |
विभाग के द्वितीय स्तर के अधिकारी |
| 3 |
सदस्य |
वित्त विभाग के प्रतिनिधि / वित्त नियंत्रक |
(2) मंडल स्तरीय समिति की संरचना
आउटसोर्सिंग मैनपावर की सेवाओं की प्राप्ति हेतु योग्यता एवं अहर्ता सत्यापन
तथा मॉनिटरिंग के लिए मंडलीय पदों हेतु मंडलायुक्त की अध्यक्षता में निम्नानुसार समिति का गठन किया
जाएगा:
| क्रम सं. |
पद |
विवरण |
| 1 |
अध्यक्ष |
मंडलायुक्त |
| 2 |
सदस्य / समन्वयक |
संयुक्त विकास आयुक्त |
| 3 |
सदस्य |
संबंधित विभाग के मंडल स्तरीय अधिकारी |
(3) जिला स्तरीय समिति की संरचना
आउटसोर्सिंग मैनपावर की सेवाओं की प्राप्ति हेतु योग्यता एवं अहर्ता का
सत्यापन तथा मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निम्नानुसार समिति का गठन किया
जाएगा:
| क्रम सं. |
पद |
विवरण |
| 1 |
अध्यक्ष |
जिलाधिकारी |
| 2 |
सदस्य / समन्वयक |
मुख्य विकास अधिकारी |
| 3 |
सह-समन्वयक |
जिला सेवायोजन अधिकारी |
| 4 |
सदस्य |
संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी |
(4) स्थानीय स्तरीय समिति की संरचना
| क्रम सं. |
पद |
विवरण |
| 1 |
अध्यक्ष |
मुख्य कार्यपालक अधिकारी |
| 2 |
सदस्य / समन्वयक |
एच.आर. हेड |
| 3 |
सदस्य |
वित्त नियंत्रक |
समिति गठन का उद्देश्य
- उपरोक्त समितियों द्वारा सेवाओं की प्राप्ति के सत्यापन तथा मॉनिटरिंग के उपरांत सेवाओं हेतु पात्र
आउटसोर्सिंग कर्मियों की सूची आउटसोर्स एजेंसी को भेजी जाएगी।
- संबंधित कर्मियों को आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा प्लेसमेंट इन्फॉर्मेशन लेटर (Placement
Information Letter - PIL) उपलब्ध कराया जाएगा तथा ईपीएफ (EPF) एवं ईएसआईसी (ESIC) खाते खुलवाना
सुनिश्चित किया जाएगा।
- कर्मियों को ईपीएफ, ईएसआईसी एवं अन्य वैधानिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु पहचान पत्र जारी करने के
लिए प्लेसमेंट इन्फॉर्मेशन लेटर (PIL) की एक प्रति आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा निगम को उपलब्ध कराई
जाएगी।